Arya Sanskriti Kendra

Reliving the spirit of OM.

21 Posts

31 comments

ASK


Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 10370 postid : 50

मुल्ला-यम चले प्रधान मंत्री बनने |

  • SocialTwist Tell-a-Friend

मुल्लायम सिंह यादव आजकल दिन में प्रधान मंत्री बनने के ख्वाब देख रहे हैं | कांग्रेस की धमकियों के कारण उन्हें शायद ठीक तरह नींद भी नहीं आती और बार -बार अपने – आपको वह साईकल से गिरा पाते हैं | ‘पत्थर के सनम’ मायाजी का हाथी इतना मज़बूत और ताक़तवर है कि उसे नकली  (pseudo-socialist and pseudo secular ‘Socialist Party’ ) समाजवादी पार्टी द्वारा गिराना तो दूर अपनी जगह से हिला पाना भी मुश्किल है |
एक तरफ मुल्लायमजी ‘आमदनी से अधिक सम्पति’ के कारण सी. बी. आई. से त्राहित हैं ओर दूसरी और आशा करते हैं की कांग्रेस उन्हें वरमाला पहना कर पति मान लेगी | उनकी समाजवादी पार्टी अपनी जातिवादी छवि से उभर नहीं सकती और मुल्लाओं के दबाव से उसकी सांस घुटी रहती है | समाजवादी पार्टी कि शह पर उत्तर प्रदेश में चार – चार दंगे भी हो चुके हैं और फिर भी ऊपर से वह गैर – सम्प्रदायिकता का मुखौटा पहने है |
परदे में रहने दो,
पर्दा न उठाओ |
पर्दा जो उठ गया,
तो भेद खुल जायेगा |
अल्लाह मेरी तौबा,
अल्लाह मेरी तौबा |
कांग्रेस मुल्लायमजी की कमजोरियों का फ़ायदा उठाना भलीभांति जानती है और घोड़े की जगह साइकल के पीछे बैठने का झांसा देती है | पर देरी के साथ – साथ समाजवादी पार्टी की साख भी गिरती जा रही है | हैरानी इस बात की है क्या मुस्लिम समुदाय को महंगाई, भ्रष्टाचार, कुशासन और लूटमार नज़र नहीं आती है ? क्या मुल्लायमजी का दोगलापन उन्हें नज़र नहीं आता कि एक तरफ भारत बंद में बढ़ – चढ़ कर हिस्सा और दूसरी तरफ कांग्रेस के पिछलग्गू होना ? पहलवानजी कुश्ती करना भूल गये हैं, कि कुश्ती में जो दाव में पहल कर जाये वह जीत जाता है |
‘ मैं इधर जायूं यां उधर जायूं ‘ इसी शशोपन में कहीं बीत न जाये रैना | रिस्क तो लेना ही पड़ता है अन्यथा मौका हाथ से निकल जाता है | हाथवाला अपना कांग्रेस का हाथ दिखा दगा देगा और साईकलवाला हाथ मलता रह जायेगा | अन्दर – ही – अन्दर मुल्लायम जानते हैं, कि कांग्रेस कि गिद्ध – द्रष्टि उनकी हर हरकत पर नज़र रखे हुये है और फन उठाते ही कुचल दिया जायेगा | कांग्रेस जब चाहे उन्हें बेपर्दा कर देगी |
क्या ममताजी भूल जायेंगी मुल्लायमजी की अवसरवादिता ? ममताजी एक स्पष्टवादी नेता हैं – मुल्लायमजी की तरह उनकी कहनी और करनी में अंतर नहीं | घर आये अतिथि का सत्कार किया जाता है ना कि झूठ का सहारा लिया जाता है | बाकि रहे नीतीशजी वह तो नीति के ईश हैं और समय ही बतायेगा उनकी नीति | कांग्रेस को तो काठ-का-उल्लू चाहिए | सवारी के लिये कोई घोडा नहीं तो कोई गधा यां खच्चर मिल ही जायेगा | भारत की जनता पार्टी अगर लाल कृष्ण अडवानी अपना कृष्ण मानले तो शायद बात बन जाये |

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (3 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

5 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

bharodiya के द्वारा
September 30, 2012

रूख से नकाब भी उठ गया है, हुजुर का चेहरा भी दिख गया है । बाकी जो बचा है वो मेहंगाई ही करवायेगी । वही बतायेगी ईन सबका क्या करना है ।

drbhupendra के द्वारा
September 28, 2012

बहुत ही सुन्दर और सटीक व्यंग…. पत्थर के सनम ‘माया’ को पढ़कर जो हसी आई की अब तक पेट दर्द कर रहा है… पर आपकी विवेचना सही है … लाल कृष्ण आडवानी को कृष्ण ही बनना होगा , अर्जुन बन कर आगे तो मोदी जी को खड़ा होना पड़ेगा..

    ASK के द्वारा
    September 30, 2012

    भूपेंद्र जी मैं आपकी कहनी से सहमत हूँ, कि आडवानीजी कृष्ण बन आज के अर्जुन मोदीजी का साथ दें तो ‘ बात बन जाये, बात बन जाये | यह वक़्त खोने का नहीं, यह वक़्त सोने का नहीं | जागो वतन खतरे में है, सारा चमन खतरे में है |

pitamberthakwani के द्वारा
September 27, 2012

ASK जी आपने सही लिखा है,पर मेरा विचार है की सिंधी होने के नाते लाल. के. आडवानी जी कभी भी पी.एम् नहीं बन पाएंगे ! यही गलत सोच इस पार्टी को कब्र में ले जायेगी!

    ASK के द्वारा
    September 30, 2012

    सिन्धी होना कोई अभिशाप नहीं | वह अभी भी सक्रिय हैं परन्तु उम्र का तकाजा यही है कि वह आज के महाभारत में कृष्ण बन अर्जुन – मोदीजी का साथ दें |


topic of the week



latest from jagran